धीमे धीमे जलना आंच रे
सौंधे सौंधे तू जलते रहना रे
मन बांवरा ना हो जाए
तन सांवरा ना हो जाए..
जब तक मोरे सांवरा की ना दस्तक
इस जीवन की दहलीज़ पर ना हो जाए
तू जलते रहना रे
तू हर छन सुलगते रहना रे....
जाने कौन सी घड़ी होगी
जब इन प्यासे नैनों को सुक़ून मिले
जाने कौन सी वो घड़ी होगी
जिन पर मोरा सूरज निकले
जाने कौन सी वो घड़ी होगी
जिस पल चँदा भी मुस्कुराएगा
तब तक मेरी आस बंधाये रखना
तब तक समां बनाये रखना
तब तक तू जलते रहना रे
तब तक तू हर छन सुलगते रहना रे....